Sunday, 18 September 2016

घर और व्यपार में सुखों की व्रद्धि के लिए मन्त्र

ॐ द्यौः शान्तिरन्तरिक्षं शान्तिः 
पृथिवी शान्तिरापः शान्तिरोषधयः शान्तिः ।
वनस्पतयः शान्तिर्विश्वेदेवाः शान्तिर्ब्रह्म शान्तिः 
सर्वं शान्तिः शान्तिरेव शान्तिः सा मा शान्तिरेधि ॥
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥

इस मंत्र का जाप करने से घर और  व्यपार के सरे कष्ट दूर हो जाते हे । आत्मा को शांति मिलती हे। नित्य इसका जप करने से घर में लक्ष्मि जी का वास रहता हे। 

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