मनोकामना की पूर्ती उपाय
हर व्यक्ति की कोई न कोई इच्छा जरुर होती है. कुछ लोग अपनी इच्छा को बता देते है तो कुछ नही बताते. किन्तु हर व्यक्ति चाहता है कि उसकी इच्छा जरुर पूरी हो और अपनी इन्ही इच्छाओ को लेकर उनके मन में अनेको प्रश्न उठते है और वे अपनी इच्छाओ को पूर्ण करने के लिए काफी उपायों को भी अपनाते है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आपकी इच्छा पूर्ण होगी या नही इसका पता आपकी कुंडली से पता लगाया जा सकता है. तो आइये हम भी जानते है कि कुंडली में किस ग्रह के कहाँ होने से आपकी इच्छा पूर्ण होती है.
- अगर एकादश ब्रहस्पति आपकी प्रश्न कुंडली में शुभ होकर स्थापित हो जाते है तो आपकी इच्छा जरूर पूरी होगी.
- अगर आप चाहते हो कि आपको आपकी इच्छाओ की पूर्ति का लाभ मिले तो उसके लिए आपकी कुंडली में लग्नेश का शुभ स्थिति में होना बहुत जरुरी है.
- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आपकी कुंडली का एकादश भाव आपकी इच्छापूर्ति के लिए बहुत अहम है. उसमे स्थित सभी ग्रहों का अच्छी स्थिति में होना आपकी इच्छा को पूर्ण करने में लाभदायक होता है..
ग्रहों के आधार पर इच्छापूर्ति :
सूर्य : ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर आपकी कुंडली के एकादश भाव में सूर्य उपस्थित है तो आपकी सरकार और सरकारी तंत्रों से जुडी इच्छाएं पूरी होंगी.
चंद्रमा : चंद्रमा के एकादश भाव में उपस्थित होने का अर्थ है कि आपकी समाज से जुडी सारी इच्छाएं पूरी होंगी.
मंगल : अगर आपकी कुंडली के इस भाव में मंगल है तो आपकी किसी पद और सम्मान को पाने की इच्छा पूर्ण होगी. क्योकि इस भाव में मंगल बहुत ही प्रभावशाली और शक्तिशाली होता है.
बुध : बुध ग्रह के एकादश भाव में होने का अर्थ है कि इससे आपको आपके मित्रो का सहयोग प्राप्त होगा, साथ ही आपकी सारी इच्छाएं जल्दी ही पूरी होगी और आपको स्त्री पक्ष से भी लाभ मिलेगा.
शुक्र : कुंडली के एकादश भाव में शुक्र के शुभ होने से आपकी हर इच्छाएं पूर्ण होती है और आपके हर कार्य में आपको सफलता प्राप्त होती है, साथ ही शुक्र के इस ग्रह में होने से आपको महिला अधिकारी से भी लाभ मिलता है.
शनि : एकादश भाव में शनि की शुभ स्थिति में होने पर आपकी सभी इच्छाएं पूरी होती है किन्तु आपको अपनी इच्छाओ की पूर्ति के लिए कड़ी मेहनत और परिश्रम करना पड़ता है.
राहू : अगर आपकी राजनीती से सम्बंधित कोई इच्छा है तो उसके लिए आपकी कुंडली के एकादश भाव में राहू का शुभ स्थिति में होना बहुत जरुरी है तभी आपकी इस इच्छा की पूर्ति होती है.
केतु : आध्यात्मिक इच्छाओ की पूर्ति के लिए आप अपनी कुंडली के एकादश भाव में केतु को शुभ स्थिति में लाने का प्रयास करो. आपकी इच्छा पूर्ण होगी.
अगर ज्योतिष शास्त्र पर ध्यान दिया जाते तो आपकी कुंडली के एकादश भाव में चाहे शुभ ग्रह हो या पाप ग्रह हो दोनों ही आपको शुभ फल देते है. साथ ही इस भाव पर अगर ग्रह अपनी दृष्टी भी रखते है तब भी आपकी इच्छाओ की पूर्ति होती है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार एकादश भाव में ब्रहस्पति का या चंद्रमा का शुभ स्थिति में होना, आपकी इच्छाओ का शीघ्र और शत प्रतिशत पूर्ति का संकेत देता है. साथ ही इस बात का भी ध्यान रखे कि इस भाव में ग्रह तभी इच्छा पूर्ण करते है जब वे एकादश की नीच राशि में हो.
इसके अलावा ज्योतिष शास्त्र में इच्छाओ की पूर्ति के लिए कुछ टोटके या उपाय भी दिए हुए है जिन्हें अपनाकर आप अपनी इच्छाओ को पूर्ण कर सकते हो. ज्योतिष शास्त्र द्वारा बताये उपाय निम्नलिखित है –
- अपनी इच्छाओ की पूर्ति के लिए आपको रोज सुबह जल्दी स्नान करके तुलसी के पौधे को जल चढ़ाना चाहिए साथ ही आपको तुलसी के सामने गाय के घी का दीपक को जलना चाहिए.
- आप रविवार के दिन पुष्य नक्षत्र में श्वेत आक की जड़ को ले आये, फिर आप उस जड़ से श्री गणेश की प्रतिमा बने और उन्हें खीर का भोग लगाये. जब आप इस प्रतिमा की पूजा करे तो आप पूजा में कनेर और चन्दन के फूलो को भी सम्मिलित करे. उसके बाद आप ॐ गं नमः मंत्र का 108 बार जाप करे.
- इसके अलावा आप सुबह पूजा के समय एक बेल पत्र ले और उस पर सफ़ेद चंदन से तिलक कर दे. उसके बाद आप अपनी मनोकामना को बोलकर उसे शिवलिंग पर अर्पित कर दे. आपकी मनोकामना जल्द ही पूर्ण होगी.
- आप चाहे तो बड के पत्ते पर भी अपनी मनोकामना को लिख कर बहते जल में प्रवाहित कर सकते हो. इस छोटे से उपाय से भी आपकी मनोकामना पूर्ण होगी.
- अपनी इच्छाओ की पूर्ति के लिए आप एक नया लाल सूती कपडा ले और उसमे आप एक जटावाला नारियल बाँध दे. उसके बाद आप उसे किसी नदी में प्रवाहित कर दे. आपकी मनोकामना जल्द ही पूर्ण होगी.

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