Thursday, 22 September 2016

घर में शांति बनाए रखने के उपाय

Hindi Devotional & Spiritual • धार्मिक विशेषतायें
घर में शांति बनाए रखने  के उपाय 

इस संसार में सुख और शांति ऐसी वस्तु है जिनको निश्चित ही प्रत्येक मनुष्य प्राप्त करना चाहता है और इस हेतु वह कुछ भी देने के लिए तैयार हो जाता है। परंतु मन की पूर्ण शांति उसे फिर भी प्राप्त नहीं होती है।
यहां पर कुछ अनुभूत सरल उपाय दिए जा रहे है जिनके द्वारा आप आसानी से सुख और शांति के प्राप्त कर सकते है। ये उपाय ऐसे हे जिन्हें आप प्रारम्भ तो करेंगे पर आपका मन इन्हें छोडने का नहीे होगा।

रोज प्रातः स्नानादि से निवृत होकर एक ताॅबे के पात्र मे ताजा जल लें। उसमे 7 तुलसी के पत्ते डालकर भगवान् विष्णु की मूर्ति या तस्वीर के सम्मूुख रखें और 11 बार ओम् नमो भगवते वासुदेवाय का मंत्र पढे फिर वह जल पत्ते सहित पुरे परिवार को पीने के लिए देवें.
भगवान् के मंदिर जाते है तो एक निश्चित समय जैसे 8.00 बजे जाना है तेा 8.00 बजे ही मंदिर पहुॅचे, कहने का तात्पर्य हे यह कि पुर्णतः समय के पाबंद बन जाएॅ, ईश्वर भी आपकी भक्ति से जल्दी ही प्रसन्न होकर आपकी मनोकामना पूर्ण करेगा।
रोज तीन रोटी अलग से रखे, एक गाय के लिए, एक कूत्ते के लिए तथा एक के छोटे-छोटे दानें बनाकर चिडियों को या कौओं को डालें।
घर मे पुुजा के स्थान पर एक अखण्ड दीपक जलाएॅ और उसे बुझने न दें। असमे समय घी तथा बाती डालते रहें।
रोज केसर चंदन का तिलक लगाकर ही घर से निकलें।
शाम के समय चींटियों का आटा डालें।
सुबह जल्दी उठे और स्नान करने से पूर्व अपनी नाभी पर सुगन्धित तेल लगाएॅं।
शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी के मंदिर मे इत्र अर्पित करें और उस दिन गुड-चनें बाॅटें।
रोज सुबह अपने घर के मटकें मे जिसमें पानी रखते है उसमें पानी ताजा भरे और कुछ बूदें गंगा जल की मिला दें ।
प्रातः 1 घण्टे व शाम दीपक के समय 1 घण्टे गायत्री मंत्र की कैसेट घर मे चलाएॅ, वातावरण अत्यंत शुद्ध हो जाएगा और परेशानियाॅ स्वतः ही दूर होने लगेगी।
सप्ताह मे एक बार शनिवार को घर मे सुंदर काण्ड सभी सदस्य मिलकर करें।
रोज स्नान करके तीन पत्ते तुलसी के चबाएॅ फिर ही अन्य वस्तुएॅ ग्रहण करें।
अपने घर मे पीछा करने से पूर्व जल मे थोडा नमक मिला लें।
शनिवार के दिन किसी अपाहिज को भोजन अवश्य कराएॅ अथवा वस्त्र दान करें।
नवग्रह स्तोत्र का पाठ रोज करें।
हर बृहस्पतिवार को यह उपाय करें, 1 मोली लें और सात बार गायत्र मंत्र पढते हुए सात गाॅठे अलग-अलग बनाकर उसे गले मे धारण करें, अगले बृहस्पतिवार को नई मोली पर गाॅठे बनाएॅ और पुरानी पीपल मे चढा दें।
यदि आप पर केाई बहुत बडी परेशानिया या संकट आया है या आने वाला है तो निम्न मंत्र को रोज कम से कम 21 बार पढे ।
दीनदयाल बिरद संभारी, हरहू नाथ मम संकट भारी
आपके कश्ट स्वतः ही दूर होने लगेंगे।

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