आयुर्वेद उपचार
याददाश्त बेहतर बनाने में मददगार है आयुर्वेद
भाग दौड़ वाली इस जिंदगी में जहां पूरे दिन इंसान कितने ही काम कर लेता है जिसके चलते कुछ काम उसे याद रहते हैं और कुछ नहीं। जो काम याद नहीं होते वे ही सबसे ज्याद महत्वपूर्ण होते हैं। जैसे गाड़ी की चाबी कहीं पर भूलना, घर पर ताला लगाना, या पैसों के लेन देन में कुछ भूलना आदि है। इसके अलावा भी और कई महत्वपूर्ण काम होते है जिनके समय पर याद न आने पर आपको भारी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। भक्तिसंस्कार आपके लिए लाया है आपकी स्मर्ण शक्ति को बढ़ाने के
अति उपयोगी उपाय जो प्राचीन समय पर ध्यान योगी और देवता किया करते थे। इसलिए अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है बस ध्यान से इन वैदिक उपायों को पढ़ें।
बार-बार भूलने की समस्या केवल बूढ़े लोगों के साथ ही नहीं बल्कि जवान लोगों के साथ भी होती है। दरअसल भूलने का मुख्य कारण एकाग्रता की कमी है। स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए दिमाग को सक्रिय रखना आवश्यक है। अगर आपके साथ भी यही समस्या है कमजोर स्मरण शक्ति आपके लिए परेशानी का कारण बनी हुई है, तो नीचे लिखे घरेलू उपायों को जरुर अपनाएं।
याद शक्ति को बढ़ाने के कारगर और आसान तरीके:
1. गाय के घी से सिर पर कुछ दिनों तक मालिश करने से आपकी स्मर्ण शक्ति बढ़ती है।
2. यदि आप अखरोट खाते हैं तो भी आपकी याददाश बढ़ती है। 10 ग्राम किशमिश के साथ 20 ग्राम अखरोट खायें। इससे मानसिक तनाव भी दूर होता है।
3. गाजर का हलुआ खाते रहने से दिमाग की कमजोरी दूर होती है।
4. सुबह खाली पेट आंवले का मुरब्बा खाने से दिमागी विकार दूर होता है।
5. रात को 10 बादामों को पानी में भिगोकर सुबह उनका छिलका उतार लें और इसे 10 ग्राम मक्खन और मिश्री के साथ मिलाकर कुछ दिनों तक खाने से दिमाग की शक्ति बढ़ती है।
6. रात को उड़द की दाल को भिगोकर सुबह पीस लें और इसे दूध और मिश्री के साथ खायें। एैसा करने से दिमाग तेज होता है।
7. सौंफ को मोटा कूट कर उसे छान लें और इसे एक-एक चम्मच सुबह शाम दो बार पानी या दूध के साथ फंकी लें।
8. जीरा, अदरक, और मिश्री को पीसकर उसका पेस्ट बनाकर खाने से याददाशत की कमजोरी दूर होती है।
9. गुलकन्द को रोज दिन में दो से तीन बार खाने से स्मरण शक्ति को लाभ मिलता है।
10. शहद में 10 ग्राम दालचीनी को मिलाकर चाटने से दिमाग तेज होता है।
11. 6 से 7 काली मिर्च में 25 से 30 ग्राम मक्खन और शक्कर मिलाकर रोज खाने से दिमाक तेज होता है और भूलने की बीमारी दूर होती है।
12. गेहूं के पौधे का रस कुछ दिनों तक रोज पीने से भूलने की बीमारी दूर होती है।
इन प्राकृतिक उपायों को करने से आपका दिमाग तेज होगा साथ ही भूलने की बीमारी भी दूर होगी। इसके लिए सबसे ज्याद जरूरी है कि आप अपनी आदतों पर ध्यान दें। और साथ ही इन प्राकृतिक उपायों का सही मात्रा में उपयोग करें ताकि अपकी स्मर्ण शक्ति बढ़ सके।
उस समय बहुत गुस्सा आता है जब काफी मेहनत करने के बाद भी परिणाम अच्छे नहीं मिलते। घर हो या ऑफिस या फिर पढ़ाई के संदर्भ से, यदि हमारी तुलना में कोई अन्य व्यक्ति किसी विशेष कार्य को अच्छे से कर लेता है तो हमारा दिमाग घूम जाता है। उस समय समझ नहीं आता कि आखिरकार हम उसी क्षमता से कार्यों को पूरा क्यों नहीं कर पाए। लेकिन इसमें आपकी भी कोई गलती नहीं है.

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