1. सबके साथ समान व्यवहार करें / भेदभाव ना करें।
यह मानव स्वभाव है कि लोगों से बात करते हुए हमारा सामने वाले की जाति या आर्थिक आधार पर उससे बात करने का तरीका बदल जाता है। अगर कोई हमसे किसी भी चीज में बड़ा है तो हम उससे काफी respect से बात करते हैं जबकि गरीब या अपने से छोटे लोगों से हम उतने सम्मान से बात नहीं करते हैं ऐसा क्यों?
दोस्तों, कोई छोटा हो या बड़ा, अमीर हो या गरीब, पद या प्रतिष्ठा में आपसे छोटा हो या बड़ा, आपसे ऊँची जाति का हो या नीची जाति का, आपका पड़ोसी हो या रिश्तेदार, मतलब कोई भी हो, किसी भी धर्म या किसी भी जाति का हो, सभी के साथ समान (Equal) व्यवहार करना चाहिए। कभी भी किसी को जाति या आर्थिक आधार पर छोटा या बड़ा ना समझें। आफिस में या जहाँ पर आप काम करते हैं वहां पर अगर कोई आपसे कम सैलरी वाला व्यक्ति है या आपका जूनियर है या आपसे नीची जाति का व्यक्ति है तो मेरे दोस्तों उससे भी वैसा ही व्यवहार करें, उसको भी उतना ही सम्मान दें, उससे भी उतनी ही शालीनता से बात करें, जितना कि आप अपने से ज्यादा सैलरी वाले से या अपने सीनियर से या ऊँची जाति वाले व्यक्ति से करते हो। और यही बात अपनी जिन्दगी में भी लागू करें। कभी भी किसी के साथ भी किसी भी तरह से भेदभाव ना करें। दोस्तों सभी इंसान ऊपर वाले के ही बनाये हुए हैं। जब उसने सभी को एक ही आसमान, एक ही धरती, एक ही हवा पानी दी है, जब उसने किसी से भेदभाव नही किया तो फिर आप क्यों करते हैं?
अगर आप सभी से एक जैसा ही व्यवहार रखेंगें तो आप हर छोटे बड़े की व्यक्ति पसंद बनेगें और तब सभी आपका सम्मान करेंगे।
2. बड़ों का आदर करे, छोटों से प्यार करें।
हमें अपने से बड़े सभी लोगो का आदर करना चाहिए। और सिर्फ अपने घर परिवार या रिश्तेदारों का ही नहीं बल्कि किसी भी जगह पर या कहीं पर भी मिलने वाले हर बड़े व्यक्ति का आदर करना चाहिए। चाहे कोई अमीर हो या गरीब, चाहे किसी भी धर्म या जाति का हो, अगर कोई शख्स हमसे उम्र में बड़ा है तो हमें उसका आदर करना चाहिए, उसका सम्मान करना चाहिए और इसी तरह अपने से छोटे हर शख्स के साथ प्यार से पेश आना चाहिए। इज्जत और शालीनता से पेश आना चाहिए।
3. झूठ ना बोलें, ईमानदार रहें।
जिंदगी में कभी भी झूठ ना बोलें और ना ही किसी के झूठ में साथ रहें। हमेशा ईमानदार रहें। हमेशा सच्चाई के साथ रहें। झूठ बोलने से लोगो का आप पर से भरोसा उठ जायेगा और फिर कोई आप पर विश्वास नहीं करेगा। चाहे कुछ भी हो जाये, कितनी भी बड़ी से बड़ी बात, या कितनी भी बड़ी से बड़ी गलती हो जाये, कभी भी झूठ ना बोलें। अपनी गलती माने और सच बोलें। सच बोलने से आप पर लोगो का भरोसा बढ़ता है और आपकी गलतियाँ माफ़ हो जाती हैं। जबकि झूठ बोलने से समस्या और ज्यादा बढ़ जाती हैं। सच बोलने वाले की सभी लोग इज्जत करते हैं। सभी उसकी बात मानते हैं।
4. किसी का बुरा ना करें, छल कपट ना करे।
कभी भी किसी के साथ कुछ भी बुरा ना करें। किसी के साथ कुछ भी गलत ना करें। किसी को धोखा ना दें, कभी भी किसी को भी कोई दुःख ना पहुचायें और ना ही किसी के साथ कभी छल कपट करें और ना ही किसी का बुरा करने में किसी का साथ दें। किसी से जलन या ईर्ष्या ना करें। आपके पास जो भी है जितना भी है उसी में सन्तुष्ट रहें और खुश रहें। जब तक आप दूसरों का बुरा करते रहेंगे या किसी का बुरा करने के बारे में सोचते रहेंगे, तब तक आप अच्छे इंसान नही बन सकते, तब तक आप एक बेहतर इंसान नही बन सकते। कभी भी किसी की पीठ पीछे बुराई ना करें। किसी की चुगली ना करें, किसी को भी किसी के बारे में भी कोई गलत बात ना बताएं,किसी को भी दूसरों के खिलाफ ना भड़काएं। ये सब कार्य हमें लोगो की नजरों में एक खराब और बेकार इंसान बनाते हैं।
5. दूसरो की मदद करें।
लोगों की मदद करना हमें उनकी नजरों में एक अच्छा इंसान बनाता है। जितना भी हो सके या हम जिस लायक भी हैं हमे दूसरों की मदद करनी चाहिए। गरीबों, कमजोरों, असहायों की जितना हो सके मदद करें। जब हम किसी की थोड़ी सी भी मदद करते हैं तो उसके द्वारा दी गई दुआओं से मन को एक अलग सा सुकून मिलता है। तथा दूसरों की मदद करना हमारा धर्म भी है और इंसानियत के नाते हमारा फर्ज भी है। अगर हम कभी जिन्दगी में किसी के काम आ जाएँ या हमारे किसी काम से किसी का भला हो जाये या किसी को कुछ फायदा हो जाये तो भला इससे बड़ा धर्म हमारे लिए क्या होगा? किसी की मदद करना, किसी का भला करना, ये तो अच्छे लोगों की निशानी है, एक दैवीय गुण है। अगर किसी वजह से आप किसी की मदद कर पाने में असमर्थ हो तो कम से कम उसे भावनात्मक सहारा जरुर दें, उसे सकारात्मक दिलासा जरुर दें।
6. घमण्ड ना करे।
एक अच्छे दिल वाला इंसान कभी भी किसी भी चीज के लिए घमण्ड नही करता है। कभी भी किसी भी चीज के लिए दिखावा नहीं करता है। अगर आज ईश्वर की कृपा से आपके पास कुछ चीजें दूसरों से ज्यादा हैं तो उनका दिखावा नहीं करना चाहिए। अगर आज आपके पास अच्छा घर है, कार है, धन दौलत है, तो उसका घमण्ड ना करें। बल्कि इन चीजों के लिए ईश्वर को धन्यवाद दें और अपने आपको पहले से बेहतर बनाएं। अच्छे काम करें तथा दिखावा करने के बजाय दूसरों को भी अच्छे काम करने के लिए प्रेरित करें।
7. जिम्मेदार बनें।
आप चाहे किसी भी उम्र के हो, अपनी उम्र के हिसाब से अपनी सभी जिम्मेदारियों को जिम्मेदारी के साथ निभायें। कभी भी अपनी जिम्मेदारियों से दूर नहीं भागें। हर इंसान के साथ बहुत सी जिम्मेदारियाँ होती हैं, जैसे घर परिवार की जिम्मेदारी, बच्चों की जिम्मेदारी, सामाजिक जिम्मेदारी आदि। हमें अपनी हर एक जिम्मेदारी को जैसे, माता पिता तथा बड़े बुजुर्गो की सेवा करना, अपने बच्चो को अच्छे संस्कार तथा अच्छी शिक्षा देना, अपने पति या पत्नि का ख्याल रखना तथा उनके हर सुख, दुःख में हर कदम पर साथ देना, अपने भाई-बहनों को प्यार और महत्व देना, अपने मित्रों, पड़ोसियों, रिश्तेदारों के सुख दुःख में शामिल होना, अपने देश तथा कानून की रक्षा करना तथा उसका पालन करना आदि को पूरी ईमानदारी के साथ निभाना चाहिए। तभी हम एक जिम्मेदार नागरिक बनेगें तथा तभी हम एक बेहतर इंसान बनेगें।
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8. क्रोध ना करें / ईर्ष्या ना करें।
क्रोध, गुस्सा, ईर्ष्या, जलन ये सभी अवगुण हमारी अच्छाईयों को खत्म कर देते हैं। किसी से जलन या ईर्ष्या करने पर हम कभी ना तो खुद खुश रह सकते हैं और ना ही कभी किसी के साथ कुछ अच्छा कर सकते हैं। गुस्सा हमारी सोचने समझने की शक्ति को नष्ट कर देता है। गुस्सा करने वाले इन्सान को कोई भी पसंद नहीं करता है। बात बात पर गुस्सा करना हमें अपनों से दूर कर देता है। इसलिए जितना हो सके गुस्सा करने से बचें।
9. रिश्तो को अहमियत दें।
जो लोग रिश्तों को नही समझते हैं, रिश्तों को अहमियत नही देते हैं, उन्हें कोई पसन्द नही करता है। इसलिए चाहे आप किसी के भाई हैं, बहन हैं, माँ, बाप, बेटा, बेटी, प्रेमी, प्रेमिका, मित्र जो भी हैं या आपका किसी से किसी भी तरह का रिश्ता है उस रिश्ते को पूरी ईमानदारी और शिद्दत से निभायें। रिश्तों के महत्व को समझें, रिश्तों की गरिमा को समझें, रिश्तों की गहराई को समझें। छोटी छोटी बातों को लेकर अपने रिश्तों को टूटने मत दें। अगर आप रिश्तों को निभा नहीं सकते तो बेहतर है कि आप रिश्ते बनायें ही नहीं। अच्छे दिल का इन्सान कभी भी रिश्तों को बिखरने नहीं देता है, रिश्तों को टूटने नहीं देता है।
10. अपनी गलतियों को माने।
एक अच्छे दिल का इन्सान हमेशा अपनी गलतियों को accept करता है। वह कभी दूसरों में कमियाँ नहीं निकालता है। वह कभी दूसरों की गलतियाँ नहीं ढूँढता है। वह अपनी गलतियों को मानकर उनमें सुधर करता है।
11. माफ़ कर दें / भूल जायें।
अगर किसी से कुछ गलती हो गयी है या किसी से आप किसी बात पर नाराज हो तो उस बात को अपने दिलोदिमाग में ज्यादा दिन नहीं रखना चाहिए। जितनी जल्दी हो सके उसकी गलतियों को माफ़ कर दें और भूल जायें। माफ़ करने से दिल का बोझ हल्का हो जाता है और भूलने से दिमाग का बोझ हल्का हो जाता है। माफ़ी सिर्फ बड़े दिल वाला इन्सान ही दे सकता है। मैं मानता हूँ कि कुछ बातें या कुछ गलतियाँ ऐसी होती हैं जो ना तो माफ़ की जा सकती हैं और ना ही भुलाई जा सकती हैं। अगर आपके सामने भी ऐसी स्थिति आये तो आप दो काम करें।
या तो आप गलतियों को भुला कर उस इंसान को माफ़ कर दें।
या उस इंसान को भुला कर उसकी गलतियों को माफ़ कर दें।
जब आप माफ़ करना शुरू कर देते है तो आपका दिल अपने आप ही बड़ा होता जाता है और आपकी गिनती अच्छे इंसानों में होने लगती है।
12. धार्मिक बनें।
जैसे जैसे इंसान धार्मिक होता जाता है, किसी देवी देवता या ईश्वर के प्रति श्रद्धा रखने लगता है वैसे वैसे उसके बुरे काम, बुरे विचार, अपने आप ख़त्म होने लगते हैं। ईश्वर के प्रति आस्था, भक्ति, श्रद्धा हमें गलत रास्तों से हटाकर अच्छे रास्तों की और ले जाती है और हमें एक अच्छा इन्सान बनने के लिए प्रेरित करती है।
13. सदा सकारात्मक रहें।
चाहे कैसी भी परिस्थिति हों हमें हमेशा positive रहना चाहिए। positive व्यक्ति हमेशा सकारात्मक बातें करता है तथा लोगों को भी negativity से निकलकर positive बनने को प्रेरित करता है। नकारात्मक व्यक्ति खुद भी नकारात्मक विचारों से घिरा रहता है तथा दूसरे लोगों के साथ भी नकारात्मक बाते ही करता है। इसलिए नकारात्मक व्यक्ति को कोई पसंद नहीं करता है। तथा सकारात्मक व्यक्ति सभी का पसंदीदा होता है।
14. समाज सेवा करें।
सामाजिक कार्यो में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लें। समाज की बुराइयों, बेकार की प्रथाओं के खिलाफ आवाज उठायें व उन्हें बन्द कराने में अपना योगदान दें। लोगों को जागरूक करें। सामाजिक कार्यों से आपकी छवि एक अच्छे और सामाजिक इंसान के रूप में बन जाती है और आपको हर जगह सम्मान मिलता है।
15. सीखतें रहे, अपना ज्ञान बढ़ाएं।
किसी को अच्छी सलाह देने के लिए, अच्छी बात बताने के लिए ये जरूरी है कि आपकों उस बात के बारें में पूर्ण जानकारी हो। इसलिये हमेशा कुछ ना कुछ नया पढने की और कुछ नया सीखने की आदत डालें। ताकि जब कोई आपके पास कोई समस्या लेकर आये तो आप उसका सही से समाधान कर सकें और उसे अच्छी सलाह दे सकें।
दोस्तों, यहाँ मैंने कुछ भी नयी बातें नहीं बताई हैं। यहाँ मैंने जो तरीके बताये हैं वो लगभग सभी को पता होते हैं और इनके बारे में ज्यादातर सब जानते भी हैं। लेकिन ये छोटी छोटी बातें ऐसी हैं कि इन्हें ज्यादातर लोग seriously नहीं लेते हैं इसलिए लोगों के अन्दर से ये गुण धीरे धीरे ख़त्म हो जातें हैं।
अगर आपने एक इन तरीकों को seriously और द्रढ़ता के साथ अपना लिया तो ये गुण आपके अन्दर की सारी बुराईयों को ख़त्म करके आपको एक बेहतर इन्सान बनने में आपकी काफी मदद करेंगे और आपको एक आदर्श व्यक्ति और सबका पसंदीदा व्यक्ति बना देंगे। उसके बाद आप हर जगह सम्मान पायेंगे। लोग आपकी और आपके गुणों की तारीफ करेंगे और आपसे प्रेरित होकर आपके जैसा बनने की कोशिश करेंगे।

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